Rewind - December 2022

 

2022 is finally done and dusted. It was a year which has shaped me into a different person. I hope this journey continues into 2023. I wrote very less in December. I was travelling and was very busy till December 29th.

Date

Published

12/13/2022


सबसे बड़ा घाटा ये है कि 

जो इंसान आपको दो पैसे की इज़्ज़त नहीं देता

उसपे आप ज़िन्दगी के घंटों बर्बाद करते हो

12/18/2022

शिद्दत और इश्क़ से मिलना होता

तो कब के मिल जाते

अब तुझे पाने की उम्मीद

मैंने क़िस्मत पे छोड़ दी है

12/20/2022

जो लोग हालात के आगे नहीं झुकते

उन्हें दुनिया क्या झुकाएगी


Wish you all a very happy new year!
Saru

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