I have written a few #songs. Thought of sharing songs that are rejected by #musicians on social media and blog. If anyone wants to compose it, please reach out at contact@sarusinghal.com. Here it goes... मीठे लगते हो पर हो तुम ज़हर ठहरी में साहिल सी तुम तेज़ कोई लहर मेरे अंदर की आग को कुछ ऐसे हवा देते हो ख़ूबसूरत हो ख़ूबसूरत सा दगा देते हो ख़बर फैलें मोहल्ले में बदनाम हो हम भी बीते शामें साथ आधी रात वापिस आऊँ मैं कभी बिस्तर पे सिलवटें हो उन सिलवटों पे ये कहते हो ख़ूबसूरत हो ख़ूबसूरत सा दगा देते हो बेनाम हो रिश्ता हमारा तबाही को क्यूँ नाम दे अधूरे लाखों है यहाँ एक - दूसरे को क्यूँ इलज़ाम दे बनूँ मैं घाट सी तुम नदी सा मुझमें बहते हो ख़ूबसूरत हो ख़ूबसूरत सा दगा देते हो #baawri_basanti #writer #hindi
It’s all about creating magic in words!